स्वच्छंद आसमान
स्वच्छंद आसमान
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आकांक्षाओं का सागर ,उम्मीदों का पहाड़,
एक नन्हे पंछी के लिए जन्नत का द्वार,
रंगों से भरा, उम्मीदों का जहान,
जिसकी सीमा अपरंपार है वो आसमान।
जहाँ उगे सूरज और तारे टिमटिमाएँ,
जहाँ बादल बने और बारिश कराएँ,
जीवन से जुड़ा आसमान है सपनों-इच्छाओं का जहान,
स्वच्छंद आसमान में स्वतंत्र उड़ान भर लो तो सफल हो जाएगा जीवन और जहान,
स्वतंत्रता का आभास करता यह अम्बर, जीवन जगमग करता यह अम्बर,
जिसने समझ लिया अम्बर का इशारा, वह सफल होगा अपने दम पर।
