STORYMIRROR

Piyush _*

Others

1  

Piyush _*

Others

सपने

सपने

1 min
109

उसकी कबर पर अल्फ़ाज़ तो थे लेकिन ,अधूरे।

लगा की जाने से पहले कुछ सपने, सपने रहे गए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Piyush _*

सपने

सपने

1 min पढ़ें