STORYMIRROR

Pallavi Trivedi

Others

3  

Pallavi Trivedi

Others

साथी

साथी

1 min
301

हाथ में पकड़ी रेत की तरह फिसलने वाले बहुत हैं

जो सारी उम्र हाथ थाम कर रहे ऐसा कोई साथी चाहिए


कामयाबी की सुकुन वाली शाम में साथ देने वाले बहुत हैं

जो परेशानी भरी अंधेरी रातों में साथ दे ऐसा कोई साथी चाहिए


मेरी खूबियों के लिए मुझे पसंद करने वाले तो बहुत हैं

जो मेरी खामियों के साथ मुझे अपनाएं ऐसा कोई साथी चाहिए


भीड में भी अकेलापन मेहसूस कराने वाले तो बहुत हैं

जो तन्हाई में भी साथ होने का एहसास दिलाए ऐसा कोई साथी चाहिए


Rate this content
Log in