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पीने लगा हूँ

पीने लगा हूँ

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जब से पीने लगा हूँ

असल में जीने लगा हूँ


मोहब्बत करिश्मा है

लगा जब से सीने लगा हूँ


बदनाम होने लगा हूँ

जब से उसे मिलने लगा हूँ


खरीदने लगे महंगाई में भी

जब से घाव बेचने लगा हूँ


जानता हूँ तुम न मिलोगे, खुदा

तुम्हें फिर भी चाहने लगा हूँ



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