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prashant jain

Others

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महिला दिवस पर शांत त्याग की नारी 🌼

महिला दिवस पर शांत त्याग की नारी 🌼

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महिला दिवस पर

जब नारी शक्ति के गीत गाए जाते हैं,

तब कुछ चेहरे ऐसे भी होते हैं

जो भीड़ में चुपचाप रह जाते हैं।

यशोधरा का त्याग याद करो,

जिसने अपने प्रिय को

संपूर्ण संसार का गुरु बनते देखा,

पर अपने अकेलेपन को

मुस्कान में छुपा लिया।

उर्मिला का धैर्य याद करो,

जो चौदह वर्षों तक

प्रतीक्षा की प्रतिमा बनकर रही,

न कोई शिकायत, न कोई प्रश्न,

बस कर्तव्य का दीप जलाती रही।

जसोदाबेन को भी याद करो,

जिन्होंने जीवन की राह

शांत स्वीकृति के साथ तय की,

जहाँ शब्द कम थे

और समर्पण अधिक था।

और उन लाखों नारियों को मत भूलो,

जो गाँव की गलियों में,

छोटे शहरों के घरों में

चुपचाप जीवन जीती हैं।

जब उनके पति

रोटी की तलाश में

दूर प्रदेशों में चले जाते हैं,

तब वही नारी

माँ भी बनती है, पिता भी बनती है।

वह खेत भी संभालती है,

घर भी संभालती है,

बच्चों की पढ़ाई भी देखती है

और हर रात भगवान से

उनकी सलामती माँगती है।

न उनके त्याग की खबर बनती है,

न उनके आँसू कोई देखता है,

पर उनके धैर्य पर ही

पूरा परिवार खड़ा रहता है।

महिला दिवस पर

ऐसी हर नारी को प्रणाम,

जो शोर नहीं करती

पर अपने मौन से

पूरे संसार को संभाल लेती है। 🌸 

Prashant Kumar Jain



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