STORYMIRROR

Lavina Agrawal

Others

2  

Lavina Agrawal

Others

मेरी मां ,'कुसुम'

मेरी मां ,'कुसुम'

1 min
86

मां तू 'कुसुम', मैं तेरी 'बुलबुल'!,

तू जो खिली, तो मुझे पहचान मिली!

मैंने जो पंख फैलाये, तो छूटी तेरी बगिया,

तू जो मुरझाती, तो बिखर गई मेरी दुनिया!!



Rate this content
Log in