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Anurag Mishra

Others

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Anurag Mishra

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मेरी बात

मेरी बात

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सामने आए मेरे, देखा मुझे, 

बात भी की

मुस्कुराए भी, 

पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर 

कल का अख़बार था 

बस देख लिया, रख भी दिया 



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