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Aviraj Sharma

Children Stories Inspirational

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Aviraj Sharma

Children Stories Inspirational

मेरे पापा अभिराज शर्मा

मेरे पापा अभिराज शर्मा

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जब मैंने जनम लिया,

तब हाथ आपने दिया

जब बचपन मेरा खेलना चाहा,

तब साथ आपका मिला

जब शरारत करने लगा,

तब भी साथ आपका मिला

जब मुझे स्कूल जाना था,

तब सुबह ले जाने का काम आपका था

टिफ़िन अगर ना खाऊँ तो माँ के गुस्से से बचाने का काम

आपका ही था

जब उस दिन वह कन्धा आपका था

और बचपना मेरा था,

तब आज क्यों ना वह बचपना आपका हो

और कन्धा मेरा हो....


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