मैं हूं वहां से
मैं हूं वहां से
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मैं हूं वहां से जहां दुआएं असर करतीं
जहां हवाओं में भी खुशबू बसर करतीं
जहां लोग सरल हैं मन से सच्चे
जहां हर ऋतु के संग धरती सजे
जहां हर कण में बसी है भक्ति की खुशबू
जहां परे हैं मंदिरों की घंटियों के सुर
जहां देवी देवता हमें सही राह दिखाते
हमारी समस्याओं का समाधान बताते
मैं सुनता हूं वहां वादियों के गीत
जहां पत्तों की सरसराहट है संगीत
जहां नदियां गा रही जीवन की माला
जहां मिट्टी में है जादू और सन्तोष आला
