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Ankush Pawar

Others

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Ankush Pawar

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माँ

माँ

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चुपके चुपके मन ही मन में

खुद को रोते देख रहा हूं

बेबस होकर अपनी माँ को

बूढ़ा होते देख रहा हूं

सजा है बचपन की आँखों में

खिला-खिला सा

माँ का रूप अब उसी रूप को

मैं खोते हुए देख रहा हूं



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