कवि के विचार ओ आचार दर्शाती है
कवि के विचार ओ आचार दर्शाती है
1 min
229
कविता प्रसून है तो छंद मकरंद सम।
भाव की सुगंध लय ताल से ही आती है ।।
शब्द शिल्प अलंकार मेटते सभी विकार।
नायिका के रूप रस रंग को बढ़ाती है।।
कवि के विचार क्रोध घ्रणा प्रेम प्रीत प्यार।
अनत प्रकार शब्द रूप में समाती है।।
कविता के भाव और शब्द के सिंगार आदि।
कवि के विचार ओ आचार दर्शाती है।।
