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Zohra Ahmed

Others

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Zohra Ahmed

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काश

काश

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काश कुछ ऐसा हो जाए

कि सब कुछ पहले जैसा हो जाए

कुछ दर्द तुम बयां कर दो

कुछ ज़ख्म मैं तुम्हारे भर दूं

काश कुछ ऐसा हो जाए

कि सब कुछ पहले जैसा हो जाए

तुम मुझे याद कर लो 

मैं तुम्हें ना भूल पाऊँ

दिल में जो बातें छुपा कर रखा है

वह सब मैं तुमसे कहती जाऊँ

फासले हमारे जो बढ़ गए हैं

वह सारे खत्म हो जाए

काश कुछ ऐसा हो जाए

कि सब कुछ पहले जैसा हो जाए


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