STORYMIRROR

डा आशीष त्रिपाठी अश्क

Others

2  

डा आशीष त्रिपाठी अश्क

Others

जिंदगी

जिंदगी

1 min
59

आज अपना बनाकर गयी जिंदगी

गीत माला के गाकर गयी जिंदगी

हम अँधेरों में जिनको बुलाते नहीं

उन्हें अपना बनाकर गयी जिंदगी।


Rate this content
Log in

More hindi poem from डा आशीष त्रिपाठी अश्क