STORYMIRROR

Nisha Bhosle

Others

1  

Nisha Bhosle

Others

इंसान

इंसान

1 min
225

माँ कोख से इंसान को

वह बैठ जाता है जाति

धर्म और मज़हब


माँ होती है ममता मई

उसके लिए सब बराबर


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Nisha Bhosle

इंसान

इंसान

1 min पढ़ें

खेल

खेल

1 min पढ़ें