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सूक्ष्म महाजन

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सूक्ष्म महाजन

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होली

होली

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होली खेलें रंग संग ,प्रेम भरपूर रंग, चढ़े अब ऐसा रंग ,

छूटे न  छुटाए जी  ,

मिलजुल खेलें रंग, भूल सभी हुडदंग , मैला करें नहीं  मन 

नेह को लुटाएं  जी 

करे किसी को न तंग ,ऐसे हम खेलें रंग ,जोर जबर नहीं ,

रंग ही लगायें जी 

अच्छी नहीं होती भंग ,करती है खूब तंग , करें न इसका संग 

दूर हटायें जी ।



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