बचपन बीती जहाँ कहानियों की छाँव में,भरी दोपहर जहाँ एक सिक्का हाथ में लिए,इंतेज़ार होता था बर्फ़ के गोल... बचपन बीती जहाँ कहानियों की छाँव में,भरी दोपहर जहाँ एक सिक्का हाथ में लिए,इंतेज़ार...