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Anamika Joshi

Others

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Anamika Joshi

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अब हैं virtual दुनिया का ज़माना

अब हैं virtual दुनिया का ज़माना

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कोई नहीं आता, अब सुबह उठाने ,

न कोई आता, शाम खेलने बुलाने ,

अब सब कुछ होता मोबाइल पर ,

क्योंकि अब है वरचुअल दुनिया का ज़माना। 


अब न कोई दादी - नानी की कहानी , 

अब न गर्मी की छुट्टी में कहीं आना - जाना , 

अब मोबाइल पर ही सारे रिश्ते है निभाना , 

क्योंकि अब है वरचुअल दुनिया का ज़माना।


अब न पेड़ों पर घोसलें ,न चिड़ियों का चहचहाना ,

न पत्तों पर बारिश का पानी , न बच्चों की कागज़ की कश्ती , 

अब मोबाइल पर ही प्रकृति सारी, 

क्योंकि अब है वरचुअल दुनिया का ज़माना।


खुद ही रोना , खुद ही मनाना , 

न कहीं आना , न कहीं जाना, 

अब सब कुछ आता मोबाइल पर , 

क्योंकि अब है वरचुअल दुनिया का ज़माना।


बना था रिश्ते जोड़ने के लिए , 

पर अब बन गया सब कुछ तोड़ने के लिए , 

अब मोबाइल पर ही सिमट कर रहा गई दुनिया , 

क्योंकि अब है वरचुअल दुनिया का ज़माना।


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