None I am a Chemisty lecturer And Hindi poet and writer
आंखें नम हो जाती हैं याद मां की आती है , जब भूख सताती है तब घर याद आता है! आंखें नम हो जाती हैं याद मां की आती है , जब भूख सताती है तब घर याद आता है!
माँ एक बार मेरे पास आ जा ना माँ, अपने हाथ से रोटी खिला जा ना माँ , दुनिया में कोई अपना नहीं ये बता ... माँ एक बार मेरे पास आ जा ना माँ, अपने हाथ से रोटी खिला जा ना माँ , दुनिया में क...
अपनी ताकत को कलम से नवाजा जाए, हर बात मयस्सर होती कहां जमाने में । जरूरत आएगी तो हो जाएंगे रुखसत ; अपनी ताकत को कलम से नवाजा जाए, हर बात मयस्सर होती कहां जमाने में । जरूरत आएगी त...
हौसला जिद पर अड़ा है लौटना तोहीन होगी नदियां निकल गई है समुंदर से बेवफाई क्यों ।।१ जिस गली जाना नही... हौसला जिद पर अड़ा है लौटना तोहीन होगी नदियां निकल गई है समुंदर से बेवफाई क्यों ।...
स्वप्न स्वप्न सब भूल गया अब उम्मीदों से हारा है वह ….. कर एक प्रयास बस एक बार और……… जैसे तैसे धैर्य ... स्वप्न स्वप्न सब भूल गया अब उम्मीदों से हारा है वह ….. कर एक प्रयास बस एक बार और...
रस्ता रस्ता देख रहा है कहां किनारा दूर रहा न जाने इस जीवन में मानव क्यों मजबूर रहा रस्ता रस्ता देख रहा है कहां किनारा दूर रहा न जाने इस जीवन में मानव क्यों मजबूर र...