STORYMIRROR

Deepak Saral

Others

4  

Deepak Saral

Others

तब घर याद आता है!

तब घर याद आता है!

2 mins
6


आंखें नम हो जाती हैं

याद मां की आती है ,

जब भूख सताती है

तब घर याद आता है!


दिल में दवी ख्वाहिश

जब अधूरी रहती है ,

जेब खाली होता है

तब घर याद आता है !


आंख जब उठाता हूं

अपने नहीं दिखते है ,

बेगानों की बस्ती हो

तब घर याद आता है !


जब हमारे पूरे होते

सपने नहीं दिखते हैं,

जब आंसू नहीं टिकते

तब घर याद आता है !


बाजार में देखता हूं

हर चीज बिक रही है,

पर वहां रिश्ते नहीं है

तब घर याद आता है!


बचपन की यादें जब

बार-बार आ जाती हैं,

रूह महका जाती हैं

तब घर याद आता है !


पिताजी की सीख जब

कहीं पर काम आती है,

कई अनुभव दे जाती है

तब घर याद आता है !


मां की गोद में सोने का

जब मन मेरा करता है,

जब मां याद आती है

तब घर याद आता है !


होटलों का खाना जब

रास नहीं आता मुझको,

पैसा ज्यादा जाता हो

तब घर याद आता है !


मां के हाथ के खाना

मिले हो जाए जमाना,

मां के हाथ की खुशबू

तब घर याद आता है !


मालिक जब नौकरी में

बात बात पे सुनाता हो,

जब पगार ना भाता हो

तब घर याद आता है !


जब अंधेरों का आलम

जीवन में छा जाता है

समय विपरीत आता है

तब घर याद आता है


आज की नई पीढ़ी

उम्मीद तोड़ जाती है ,

मर्जी अपनी चलाती है

तब घर याद आता है !


मेहनत करते करते

बदन टूटने लगता है,

कोई रुठने लगता है

कब घर याद आता है !


सूरज की किरण जब

लौट कर चली जाती है,

जब निशा आ जाती है

तब घर याद आता है !


बड़ी-बड़ी इमारतें हो

रास नहीं आ आती हैं,

मन न मिल पाता हो

तब घर याद आता है!


जब स्कूल की यादें हमें

फिर फिर हमें सताती हैं

जब दोस्त याद आते हैं

तब घर याद आता है !


जब बचपन के किस्से

मां दुनिया को सुनाती है,

हरकतें मेरी बताती है

तब घर याद आता है!


जब अध्यापक की बातें

दिल मेरा छू जाती हैं ,

दिल में आग लगाती हैं

तब घर याद आता है !


जो कई वर्षों का प्यार

हमें छोड़कर जाता है ,

वादा तोड़ वो जाता है

तब घर याद आता है !


दिखावटी दुनिया में

सादा जीवन भाता है,

बाजार बुद्धू बनाता है

तब घर याद आता है !


बच्चा कोई रो-रो कर

जब खिलौना लाता है ,

बचपन याद दिलाता है

तब घर याद आता है !


अपनों को जब कोई

बुरा भला कह जाता है,

खून खौल जाता है

तब घर याद आता है !


गांव की खुशबू जब

भी मुझे सताती है ,

जब भी खत आता है

तब घर याद आता है !


बहन की विदाई की

याद जब आती है ,

आंखें भर जाती हैं

जब घर याद आता है


✍कवि दीपक सरल


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन