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सब कुछ खत्म हो गया था।फंदा तैयार कर लिया था।आखरी कदम उठाना बाकी था। सब कुछ खत्म हो गया था।फंदा तैयार कर लिया था।आखरी कदम उठाना बाकी था।
जो जैसा है, वैसा उसे स्वीकार करो। दूसरों को बदलने की चेस्टा वर्थ है। जो जैसा है, वैसा उसे स्वीकार करो। दूसरों को बदलने की चेस्टा वर्थ है।
, ये समझ देने के लिए साधु के प्रति कृतज्ञ भाव व्यक्त करते हुए उन्हें वंदन किया और उड़ गय , ये समझ देने के लिए साधु के प्रति कृतज्ञ भाव व्यक्त करते हुए उन्हें वंदन किया औ...