I believe one can write honestly, when he /she feel that situation that phase which they wrote ...
क्योंकि हाँ मैं एक लड़की हूँ क्या बस यही मेरा गुनाह है ? क्योंकि हाँ मैं एक लड़की हूँ क्या बस यही मेरा गुनाह है ?
पर खुद की इज़्ज़त नहीं बचा सकती क्योंकि हाँ मैं एक लड़की हूँ ! पर खुद की इज़्ज़त नहीं बचा सकती क्योंकि हाँ मैं एक लड़की हूँ !
ये जिन्दगी है साहब , और इसे ऐसे ही , जीना तो पड़ेगा! ये जिन्दगी है साहब , और इसे ऐसे ही , जीना तो पड़ेगा!