Chartered Accountant by profession writer by passion !!1
अये दी ! सच्ची, आप पर हक़ जताने का जी चाहता है। अये दी ! सच्ची, आप पर हक़ जताने का जी चाहता है।
तूफानी समंदर है तो क्यों आंख दिखाता है मुझे, ओस से प्यास बुझाना आता है मुझे! हो चाहे तूफानी समंदर है तो क्यों आंख दिखाता है मुझे, ओस से प्यास बुझाना आता है मुझे! ...
अगले दिन कि धूप का इंतजार करो अगले दिन कि धूप का इंतजार करो