Love
लफ़्ज़ों के खेवैया होना इतना आसान थोड़ी ना हैl लफ़्ज़ों के खेवैया होना इतना आसान थोड़ी ना हैl
तुम्हें समर्पित कर मैं उन्मुक्त हो जाती हूँ काल के बंधन से तुम्हें समर्पित कर मैं उन्मुक्त हो जाती हूँ काल के बंधन से
तुम में यही मैं से तुम बन जाने की क्रिया ही तो प्रेम है। तुम में यही मैं से तुम बन जाने की क्रिया ही तो प्रेम है।
बोलो तो हमारी संबध की व्याप्ति क्या केवल इन शब्दों तक है। बोलो तो हमारी संबध की व्याप्ति क्या केवल इन शब्दों तक है।
कितना कठिन है उनके लिए शब्दों का चयन कितना कठिन है उनके लिए शब्दों का चयन