STORYMIRROR

Lalita Kataria

Others

2  

Lalita Kataria

Others

आखिर क्यों

आखिर क्यों

1 min
255


इंसानों को मज़हबों में

बाँटा जा रहा है

वैसे तो ख़ुदा सबका एक है

फिर क्यों अल्लाह

तो कोई भगवान

कहकर पुकार रहा है


दिखने में तो सब एक जैसे है

फिर क्यों हर कोई हिन्दु मुस्लिम

कहकर पुकारा जा रहा है


देखो तो ये लोगो को

क्या होता जा रहा है

आपस में मोहब्बत करना

बचपन से सिखाया जाता है

फिर मोहब्बत को

गुनाह भी बताया जाता है


मोहब्बत के बीच में आखिर

मज़हब को क्यों लाया जाता है

मोहब्बत करना गुनाह है तो

मोहब्बत का पाठ हमे बचपन से

क्यों पढ़ाया जाता है

आखिर है कोई जवाब किसी के पास?


Rate this content
Log in

More hindi poem from Lalita Kataria