हम कितने भी बड़े क्यों न हो जाए... फिर भी अपनी माँ को, माँ के हाथ से बने खाने के स्वाद को कभी नहीं भ... हम कितने भी बड़े क्यों न हो जाए... फिर भी अपनी माँ को, माँ के हाथ से बने खाने के...