वसुंधरा सन्न रह गई। उन्हें हथेली की वह अदृश्य इबारत तीर सी भेदती चली गई। वे एकटक गूँगी महुआ को देखत... वसुंधरा सन्न रह गई। उन्हें हथेली की वह अदृश्य इबारत तीर सी भेदती चली गई। वे एकट...