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Lingraj Majhi

Children Stories Children

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Lingraj Majhi

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प्यार

प्यार

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खुदा का दिया हुआ 

भेट है ये जीवन 

कर्ज़दार हुए हम...

कोई अधिकार नहीं


एक दूसरे को हानी पहुचाएं

न लाचार बने हम...

हो कठिनाई लाखों 

हो दुविधाएँ अरबों

एक दूसरे की मदद करे हम,

आओ आपस मे प्यार करे हम।


जीना मरना नियति का रचा हुआ

है अनोखा एक खेल

जहां बंधे हुए है हम

मिलझूल के रहे सभी

जाना एक दिन सभी को है

चार दिन के मेहमान है हम


आए हज़ारो दुःख

आए अनेक बिघ्न पथ पर

एक दूसरे की न साथ छोड़े हम

आओ आपस मे प्यार करे हम।


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