Charumati Ramdas

Children Stories


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मुझे क्या अच्छा लगता है

मुझे क्या अच्छा लगता है

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मुझे पापा के घुटने पे पेट के बल लेटना बहुत अच्छा लगता है, हाथ और पैर नीचे छोड़कर घुटने पर यूँ लटकते रहना जैसे फेंसिंग पर कोई कपड़ा सूख रहा हो। मुझे ड्राफ्ट्स, शतरंज और दोमिनो खेलना अच्छा लगता है, सिर्फ़ इस शर्त पर कि मैं बस, जीतता रहूँ। अगर जीतता नहीं हूँ, तो नहीं खेलता।

डिब्बे में बन्द भुनगे की लगातार खुरखुर करने की आवाज़ सुनना मुझे अच्छा लगता है। और छुट्टी वाले दिन सुबह पापा के बिस्तर में दुबकना अच्छा लगता है जिससे मैं पापा के साथ कुत्ते के बारे में बातें कर सकूँ: कैसे हम एक बड़े घर में रहने जाएँगे, और कुत्ता खरीदेंगे, और उसकी देखभाल करेंगे, और उसे खाना खिलाएँगे, और वह कितना शांत और अक्लमन्द होगा, और वह कैसे शुगर क्यूब्स चुराएगा, और कैसे मैं ख़ुद उसके पीछे पीछे गंदा पानी पोंछता रहूँगा, और वह मेरे पीछे पीछे चलता रहेगा, एक वफ़ादार कुत्ते की तरह।


मुझे टी वी देखना भी अच्छा लगता है : चाहे कुछ भी दिखा रहे हों, चाहे सिर्फ़ कोई टेबल्स ही क्यों न हों।मुझे मम्मा के कान में नाक से साँस छोड़ना अच्छा लगता है। गाना मुझे ख़ासकर अच्छा लगता है और मैं हमेशा ख़ूब ज़ोर से गाता हूँ।लाल घुड़सवारों के बारे में कहानियाँ सुनना मुझे बेहद अच्छा लगता है, और यह भी अच्छा लगता है कि वे हमेशा जीतते रहें।आईने के सामने खड़ा होना और तरह तरह से मुँह बनाना मुझे अच्छा लगता है, जैसे मैं डॉल्स-थियेटर का पेत्रूश्का होऊँ। मछली का अचार भी मुझे बहुत अच्छा लगता है।


कांचिल के बारे में कहानियाँ पढ़ना मुझे पसन्द है। ये एक छोटा सा, होशियार और शरारती हिरन है। उसकी हँसती हुई आँखें हैं, और छोटे छोटे सींग हैं, और गुलाबी खुर हैं। जब हम बड़े घर में रहने जाएंगे तो हम अपने लिए एक कांचिल खरीदेंगे, वो बाथ-हाऊस में रहा करेगा। मुझे उस जगह तैरना भी पसन्द है जो उथली हो, जिससे बालू वाले तल को हाथों से पकड़ सकूँ। मुझे जुलूसों में लाल झंडा हिलाना और पाइप से 'तुत्-तुत् ! ' करना अच्छा लगता है।

टेलिफ़ोन पे बात करना तो ख़ूब ही अच्छा लगता है।मुझे लकड़ी को समतल करना, बुरादा बनाना अच्छा लगता है, मैं प्राचीन योद्धाओं के और भैंसों के सिर बना सकता हूँ, और मैंने मिट्टी से तीतर और सम्राट-तोप बनाई है। ये सब गिफ़्ट में देना मुझे अच्छा लगता है।जब मैं पढ़ता हूँ तो उस समय टोस्ट या कोई और चीज़ खाते रहना मुझे अच्छा लगता है।मुझे मेहमान अच्छे लगते हैंऔर, मुझे घास के साँप, छिपकलियाँ और मेंढक अच्छे लगते हैं। वो इतने फुर्तीले होते हैं। मैं उन्हें अपनी जेबों में रखता हूँ। मुझे अच्छा लगता है, जब मैं खाना खा रहा होता हूँ, और घास का साँप मेज़ पर पड़ा हो। अच्छा लगता है, जब दादी मेंढक को देखकर चिल्लाती है, "हटाओ इस गन्दगी को!" – और कमरे से भाग जाती है।


मुझे हँसना अच्छा लगता है।।।कभी कभी मेरा दिल बिल्कुल हँसने को नहीं करता, मगर मैं अपने आप को मजबूर करता हूँ, ज़बर्दस्ती हँसी निकालता हूँ – और देखता हूँ कि सचमुच में हँसी आ जाती है।जब मैं अच्छे मूड में होता हूँ तो मेरा दिल उछलने-कूदने को करने लगता है। एक बार मैं पापा के साथ ज़ू-पार्क गया, और मैं रास्ते पर उसके चारों ओर उछलता-कूदता रहा, और उन्होंने पूछा:

 "ये तू उछल क्यों रहा है?"और मैंने कहा:

"मैं इसलिए उछल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरे पापा हो!"वो समझ गए।

मुझे ज़ू-पार्क जाना अच्छा लगता है! वहाँ ग़ज़ब के हाथी हैं। और एक हाथी का बच्चा भी है।जब हम बड़े घर में रहने लगेंगे, तो हम एक हाथी का बच्चा खरीदेंगे। मैं उसके लिए एक गैरेज बनाऊँगा।मुझे कार के पीछे खड़ा होना बहुत अच्छा लगता है, जब वह घर्र –घर्र करती है, और पेट्रोल सूंघना पसन्द है। 

मुझे कैफ़े में जाना अच्छा लगता है – आईस्क्रीम खाना और उसके ऊपर मिनरल वाटर पीना। उससे नाक में चुभन होती है और आँखों में आँसू आ जाते हैं।

जब मैं कॉरीडोर में दौड़ता हूँ, तो पूरी ताक़त से पैर पटकना अच्छा लगता है।मुझे घोड़े बहुत पसन्द हैं, उनके चेहरे इतने सुन्दर और भले होते हैं।

 

मुझे बहुत कुछ अच्छा लगता है!  



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