STORYMIRROR

Sumit Kumar

Others

1  

Sumit Kumar

Others

काश ! मेरा अनपढ़ ही होता

काश ! मेरा अनपढ़ ही होता

1 min
277

यह कहानी है एक अनपढ़ लड़के मोहन की जिसे हर रोज अपने पिता की डाँट पड़ती थी न पढ़ने के कारण,अंत में मोहन आत्महत्या कर लेता है और उसके पिता को उसके खोने के बाद क्या क्या सबक मिलते है इसी के इर्द गिर्द है ये कहानी, तो एक नजर डालते है इस कहानी पर


Rate this content
Log in