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दुनीयाकेसामनेहसनेकेलिये
ही ज़्यादा
हमसे
क्याहैकुंठा-घुटनक्याहैव्यथा-निराशा
हालातbyLokriti
नीरस ही
हमप्यारऔररिस्तोंकोकिसीकेदिलपरजबरदस्तीथोपनहीसकते।🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸
वाकयुद्ध
कर दो
भला
डॉमधुकररावलारोकर
मुश्किलोंकेगर्देगुबारकोउड़ालेजाताहैहोंसलोंकातूफ़ानअपनीबाजूओंकेबलपरतूलिखअपनीकामयाबीकीदास्तान।।
प्रकृति
नाराज़
हालातों
प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर
मम्मी जी
ख़त्म
ज़िंदगी
रुष्ठ
Hindi
बांहों
Quotes
नववर्ष नया सुबह और नया उत्साह जो उम्मीद भरी हो
प्रेम हो तो प्रकाश वर्ष भर की दूरी एक पल में तय। सुरेन्द्र ...
प्रेम हो तो प्रकाश वर्ष भर की दूरी एक पल में तय। सुरेन्द्र ...
शनिवार: चाहे ज़्यादा निराशा हो, चाहे ज़्यादा अँधेरा हो। आश ...
शनिवार : सुन तुम हमसे नाराज़ हो, ये वाकयुद्ध ख़त्म कर दो। ...
धन्य हो जाऊँ मैं आपको हर जन्म, अपनी मम्मी जी के रूप में पा स ...
शनिवार: ज़िंदगी आम थी, नीरस ही तो थी। प्रकृति हो गई थी, रूष् ...
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