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तब दुखता
मैंऔरमेरीकविताएं
झूठ तब तक
जिगरी
तंदुरुस्त रहे तब खुद खुदा बनते
कमलेश कुमारी
पढ़ता था
प्रेमहिईश्वरहै
रात को
कक्षा में पहली बार
तब से लेकर अाज तक
प्रकृति का नियम हैं इच्छाशक्ति
बिकाऊ
बाज़ार में
चादँ
जुदाहोकरमिलनेकावादाकरो/इकरारआनेकाज्यादाकरो.मुहब्बतमेंजीनेकायेहीचलनहै/बनोश्याममेरानामराधाधरो
जब-तब
आग
उदाहरण
नवीन डेविड उर्फ़ बंटी
Hindi
तब-तब
Quotes
सोमवार: हर दिल तब दुखता है, जब-जब अपने हमसे। दग़ा धोखा करत ...
रात को जब-तब कभी कविता, कभी-कभी कोट्स भी लिखते। कभी-कभी तो द ...
रविवार: जब-जब होगा प्रकृति का हरण, तब-तब होगा रूष्ट ही पर्य ...
झूठ तब तक ठीक है जब तक एक हद में होगा झूठ बोलने से पहले सोचन ...
शुक्रवार: बाज़ार में सबकुछ बिकता है, पानी से लेकर आग बिकाऊ। ...
इंसानभी कोई कम नहीं हैं। थौड़ा बहुत तंदुरुस्त रहता हैं। तब खु ...
रविवार: जब मै आठवीं कक्षा में पढ़ता था, तब एक मैडम पर ही आकर ...
शुक्रवार: मेरा दोस्त नवीन डेविड उर्फ़ बंटी, ग्यारहवीं कक्षा ...
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