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जैसे ही सुखद बहू लगा था शुरू प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर रसकोओढ़ेउरकीअभिव्यक्तिकानामकविताहै।डॉमंजुगुप्तावाशी मेरेहमसफ़र पर किताब नयीसुबहसंगआयीहूँमैत्रीकीमहकलायीहूँसभीस्वस्थसुखीसहजरहेंदुआकीबारिशलायीहूँ।डॉमंजुगुप्तावाशी गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन अक्लमंद दोस्ती/सखी बेवजह अनुभूति इसलिएवेजनकल्याणकरतेहैं।डॉमंजुगुप्तावाशी भ्रूण बेटा बाप तनहासीजिंदगीमेंलोगभीबेगानेसेलगतेहैंअपनेपरायेकीपहचानमेंसभीअनजानेसेलगतेहैं

Hindi गद्यलिखनेकीप्रेरणामिलीहै।सिनेमाकेसंसारमेंहमबिनागीतकीकल्पनानहींकरसकतेहैं।डॉमंजुगुप्तावाशी Quotes