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ज़िन्दगी के...

ज़िन्दगी के जद्दोजेहद में..! आज जो रिश्तों की पोटली खोलने बैठा, तो पाया खुद को कुछ यूँ बदनसीब..! बिछड़ गए वही रिश्ते हमसे, जो थे हमारे हृदय के बेहद करीब..!!

By निशान्त "स्नेहाकांक्षी"
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