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ये स्याह...

ये स्याह रातें,ये अंधेरों का आलम, सूरज के आते ही हट जायेंगे। दिल में है उम्मीद-ए-सहर , हर गम के बादल कट जायेंगे। - डिम्पल डड़सेना

By Dimple Dadsena
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