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ये दुनिया...

ये दुनिया है जालसाज़, जहाँ रिश्तो को मिलता है रोज़ नया अंज़ाम, सबके है अनेक रूप, देखते है तुम्हारा संघर्ष बन के मूक, तो चलो आज फिर से एक रिश्ता बनाए, खुद से ही हम इश्क़ लड़ाए, खुद को देख कर आज हम जी भर मुस्कुराएँ । -सेंगर

By Anushka Singh
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