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वो वर्षो से...

“ वो वर्षो से डटा था उसके इसी कहने पे, की कुछ और वक़्त दो, टूट कर बिखर गया वो टुकड़ो में, जब सुना की तुम मेरे कोई थे ही नहीं. ”

By Pawan Kumar
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