STORYMIRROR

उनकी...

उनकी झील-सी आँखों में, डूबा हूँ इस कदर... कि मुझे, मय़खाना और मंदिर, दोनों ही नज़र आते हैं। सोचता हूँ, अब मैं - जाऊँ तो जाऊँ किधर... कि कभी - वो मुझे शैतान, तो कभी - भगवान नज़र आते हैं।।

By ANIL BAKSHI
 153