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शर्मनाक,दर्द...
“
शर्मनाक,दर्दनाक,दिल को संभाले रखना। जातिवाद का झूँठा गुरुर पाले रखना। मंदिर में,न श्मसान, न घर में सुरक्षित हैं बेटी। बेटी वालो, हो सके तो बेटी को,संभाले रखना। ✍️ उल्लास भरतपुरी
”
By
S R Daemrot (उल्लास भरतपुरी)
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बेटी बचाओ
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S R Daemrot (उल्लास भरतपुरी)
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