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रेल और...

“ रेल और ज़िंदगी के सफ़र में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं हर वक़्त के साथ नज़ारा बदलता है पर शर्त है तुम अपनी आँखे खुली रखना । अभिलाष दीक्षित ❣️ ”

By Shayariepaigham Kijindagi
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