STORYMIRROR

निराश होने...

निराश होने के बाद मन के सामने दो ही विकल्प होते हैं,या तो वह टूटता है या वज्र की तरह कठोर हो जाता है,पर दोनों ही अवस्था में वह अपरिवर्तित नहीं रह पाता।

By Dr. Upma kumari
 156