STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
मुअत्तर-...
मुअत्तर-...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
मुअत्तर-...
“
मुअत्तर- महकना मुअत्तर हैं आज भी किताब के वो पन्ने, जिन पर तुम्हारे दिए गुलाब रखे मैंने।
”
By
Jyoti Sagar Sana
84
हिन्दी
मुअत्तर
महकना
मैंस्याहीसेकोरेपन्नेरंगतीहूँ।मैंउसीस्याहीकोभरकरपन्नोंमेंरोशनाईबनातीहूँ।
गुलाबजवाब
More
hindi quote
from
Jyoti Sagar Sana
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
2
Likes
1
Comments
2
Likes
5
Comments
6
2
00:00
00:00
Download StoryMirror App