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मीरा को लगा कि...
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मीरा को लगा...
“
मीरा को लगा कि जहर में कैसा नशा है देख लूँ। तो जहर को भी लगा कि इसी बहाने कंठ में कृष्ण प्रेम देख लूँ बिना रिश्ते के जो अजनबी अपने से हो जाते हैं, कभी-कभी खून के रिश्तों से भी वाकई में बड़े हो जाते हैं ।
”
By
Dr. Chanchal Chauhan
63
प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर
रिश्ता
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