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मेरा धनुष...

मेरा धनुष है मेरी कमान तरकश के सब तीर समान जग जब अपनी चाल रचता बचे रहना नहीं आसान जीत हार सब स्पर्धा मेरी लड़ूँ या नहीं मर्ज़ी मेरी अब समझ गई हूँ खेल सारे हर जंग अब दोस्त मेरी - नीतू माथुर

By Nitu Mathur
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