STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
क्या आप उस...
क्या आप उस...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
क्या आप उस...
“
क्या आप उस ख़्वाब की ताबीर को देख पा रहे हैं, जो कभी इक़बाल ने देखा था। मैं देख रहा हूँ अपनी नंगी आँखों से, उन ख्वाबों को जो अपनी तक़्मील को पहुँचने को हैं। - उरूक़-मुर्दा-ए-मशरिक़ में ख़ून-ए-ज़िंदगी दौड़ा समझ सकते नहीं इस राज़ को सीना ओ फ़ाराबी
”
By
Premnath Yadav
49
More
hindi quote
from
Premnath Yadav
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
0
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App