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कस कर...

“ कस कर आलिंगन कर लूं नैनों की कोरो में भर लूं इक स्वप्न अभी तक आधा है फिर सहज ही आऊंगी तुम तक मृत्यु ! ये मेरा वादा है ”

By Bhawna Vishal
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