STORYMIRROR

कस कर...

कस कर आलिंगन कर लूं नैनों की कोरो में भर लूं इक स्वप्न अभी तक आधा है फिर सहज ही आऊंगी तुम तक मृत्यु ! ये मेरा वादा है

By Bhawna Vishal
 108