STORYMIRROR

कहीं आसमान...

कहीं आसमान को छूने में ज़ामिन को मत भुल जना क्यूँकि उड़ता हुआ परिंदा भी पर कटने के बाद ज़ामिन पर ही आकर गिरता है।

By Chakh Le
 231