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ख़ामोशी का...

ख़ामोशी का एक सैलाब लिए, वो मुसाफ़िर चल रहा था ख़्वाब लिए ! उम्मीदों का आसमां भी संग था, बस राही ज़रा हालातों से तंग था ! ~ अनुश्री गोस्वामी

By Anushree Goswami
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