STORYMIRROR

कभी कभी...

कभी कभी हमारी खुशियो का राज़ हम स्वयं होते है पर कुदरत भी क्या चीज़ है... हमारी खुशियो को हमसे क्षणभर मे ही छीन लेती है।

By Tripti Singh
 152