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जो हासिल...

जो हासिल नहीं है उसकी फ़िक्र क्यूं, जो हासिल है उसके लिए बेफिक्र क्यूं। मैं कुछ भी नहीं हूं मैं कुछ भी नहीं था, फिर मेरा इतना ज़िक्र क्यूं।।

By Lokesh Gulyani
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