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जीना भी...

जीना भी हमें हैं , मरना भी हमें हैं | मुझको ही पकड़ना हाथ ; क्यूंकि साथ ले चलना भी हमें हैं | बेहकना भी हमें हैं , तड़पना भी हमें हैं | आग लगवा दिया तो सही ; पर उसमे राख होना भी हमें हैं |

By AYAN DEY
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